Saturday, August 20, 2022
Home उत्तराखंड मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के लिए सभी पर्वतीय 11 जिले चयनित

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के लिए सभी पर्वतीय 11 जिले चयनित


सरकार की यह योजना चार जिलों की महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई थी

150 एमपैक्स के जरिए मिलेगा साइलेज

सरकार की यह योजना चार जिलों की महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई थी

देहरादून। उत्तराखंड राज्य के 4 जनपदों में मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के सफलता के बाद अब उत्तराखंड सहकारिता विभाग ने समस्त पर्वतीय जनपदों को इस योजना के अंतर्गत ला दिया है। 11 जिलों के 88 एमपैक्स (बहुद्देश्यीय प्रारम्भिक कृषि ऋण समितियां )
नए जोड़ दिए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है।

प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना की समीक्षा बैठक में सचिव सहकारिता डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम को निर्देश दिये कि, सम्पूर्ण पर्वतीय क्षेत्रों में इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करें। उन्होंने कहा कि चार जिलों में इस योजना के सफलता के बाद इसे पर्वतीय क्षेत्र के सभी 11 जिलों को इससे जोड़ा जा रहा है। सरकार का मकसद है कि, महिलाएं कष्ट में न जियें। उन्हें घर के आंगन में सहकारी बहुद्देश्यीय समिति के जरिये साइलेज मिले। डॉ रावत ने कहा कि, पर्वतीय क्षेत्र की 3 लाख महिलाओं के कंधों से घास के बोझ से छुटकारा मिलेगा।

सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने कहा कि इस योजना के तहत उन्हें उनके गांव में ही पैक्ड सायलेज (सुरक्षित हरा चारा) और संपूर्ण मिश्रित पशुआहार (टीएमआर) उपलब्ध होगा। सरकार एक ओर जहां मक्के की खेती कराने में सहयोग देगी तो दूसरी ओर उनकी फसलों का क्रय भी करेगी। चारों तरफ से किसानों की आय दोगुनी हो, इस लक्ष्य के साथ पिछले छह साल से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, सायलेज और टीएमआर का संतुलित आहार देने से दूध में वसा की मात्रा एक से डेढ़ प्रतिशत बढ़ने के साथ ही दूध उत्पादन भी 15 से 20 प्रतिशत बढ़ जाती है इससे भी पशुपालकों की आय में इजाफा हुआ है।

डॉ रावत ने कहा कि, प्रदेश के पर्वतीय गांवों में करीब तीन लाख महिलाएं रोज अपने कंधों पर घास का बोझ ढ़ो रही हैं। वह चारा या घर में इस्तेमाल होने वाली ज्वलनशील लकड़ी के लिए रोजाना आठ से दस घंटे तक का समय देती हैं। इस वजह से उनके कंधों में दर्द, कमर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों की समस्या आम है। उन्हें अगर आसानी से घास मिलेगा तो हर महीने करीब 300 घंटे की बचत होगी। इसके साथ ही गांव में रहकर ही उनकी आमदनी बढ़ेगी। प्रदेश में पर्वतीय क्षेत्रों में चारे की कमी के बीच महिलाओं के कंधे पर चारा लाने की बड़ी जिम्मेदारी है। इससे उन्हें मुक्त करने के लिए ही मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना लाई गई है।

सहकारिता सचिव व परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि, चार जनपद पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चंपावत में 62 एमपैक्स के जरिये 75% अनुदान में महिलाओं को साइलेज वितरित किया जा रहा था। अब इस योजना से समस्त पर्वतीय जिलों टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ को शामिल कर दिया गया है। नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंड इसमें शामिल कर लिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि, उत्तराखंड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में सहकारिता विभाग की राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना का केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पिछले वर्ष 30 अक्टूबर 2021 में देहरादून में उद्घाटन किया था।

सहकारिता विभाग के अपर निबन्धक व साइलेज फेडरेशन के एमडी आनंद एडी शुक्ल ने साइलेज की समीक्षा बैठक में कहा कि, प्रदेश के दो हजार किसान परिवारों की दो हजार एकड़ भूमि पर मक्का की सामूहिक सहकारी खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा मक्के की फसल तैयार है जो वैज्ञानिक तरीकों से फॉम्फील वैक्यूम मशीन से 30- 30 किलो के पैक्ड साइलेज पर्वतीय क्षेत्रों में 150 एम पैक्स के जरिए गांव – गांव भेजे जाने की तैयारी पर काम चल रहा है। शुक्ल ने कहा कि एक ब्लॉक में दो एम पैक्स इसके लिए चयनित किये गए हैं।ताकि इसको प्राप्त करने के लिए ग्रामीणों को गांव के पास सुविधाएं मिल सकें। मक्के की सहकारी खेती करने वाले किसानों की आय में वृद्धि के माध्य्म से इस योजना का बहुआयामी प्रभाव पड़ रहा है। इस योजना के अन्तर्गगत एम-पैक्स के माध्यम से किसानों को कृषि उपकरण, कृषि ऋण सुविधा, बीज, उर्वरक इत्यादि की व्यवस्था कराये जाने के साथ ही उनकी उपज का आवश्यक रूप से क्रय भी किया जा रहा है।

सायलेज एव टी०एम०आर० जैसे संतुलित आहार के परिणामस्वरूप दूध में वसा की मात्रा 1 से 15 प्रतिशत बढ़ने के साथ-साथ दूध उत्पादन की मात्रा में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि संभावित होती है, जो पशुपालकों के अतिरिक्त आय अर्जन में सहायक सिद्ध हो रहा है।
मध्य हिमालय में उत्तराखंड पहला राज्य है जहां की महिलाओं का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने यह योजना धरातल पर उतारी है इसके सार्थक परिणाम देखने में आए हैं तभी सहकारिता विभाग की परियोजना यूकेसीडीपी ने इसमें 88 नए एम पैक्स जोड़ दिये हैं। जिससे समस्त ग्रामीण महिलाओं को घर बैठे बहुत सुविधाएं मिल सकेंगी।





Source link

RELATED ARTICLES

राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन शुरू की जाएगी मुख्यमंत्री खिलाड़ी उदीयमान योजना- रेखा आर्या

खेल मंत्री रेखा आर्या ने राष्ट्रीय खेल दिवस की तैयारियों के संदर्भ में की खेल विभाग की समीक्षा बैठक देहरादून। आज यमुना कॉलोनी स्थित...

सोशल मीडिया पर तैर रही एक खबर से आहत हुए पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, जानिए क्या है पूरा मामला

देहरादून।  भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत सोशल मीडिया पर तैर रही एक खबर से आहत हैं। ब्रेकिंग न्यूज की...

जिलाधिकारी ने बद्रीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

चमोली। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने गुरूवार को बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान तहत चल रहे निर्माण कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन शुरू की जाएगी मुख्यमंत्री खिलाड़ी उदीयमान योजना- रेखा आर्या

खेल मंत्री रेखा आर्या ने राष्ट्रीय खेल दिवस की तैयारियों के संदर्भ में की खेल विभाग की समीक्षा बैठक देहरादून। आज यमुना कॉलोनी स्थित...

सोशल मीडिया पर तैर रही एक खबर से आहत हुए पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, जानिए क्या है पूरा मामला

देहरादून।  भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत सोशल मीडिया पर तैर रही एक खबर से आहत हैं। ब्रेकिंग न्यूज की...

जिलाधिकारी ने बद्रीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

चमोली। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने गुरूवार को बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान तहत चल रहे निर्माण कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी...

CM धामी ने ’रमणी जौनसार एवं ’जौनसार बावर के जननायक पं. शिवराम’ पुस्तक का किया विमोचन

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आई.आर.डी.टी सभागार, सर्वे चौक, देहरादून में जौनसार बाबर के प्रथम कवि पं. शिवराम जी द्वारा...

देश की छवि बिगाडऩे वालों पर केंद्र सख्त, 8 यूट्यूब चैनलों पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों के खिलाफ बड़े एक्शन के मूड में है। केंद्र ने आज...

UKSSSC पेपर लीक मामले में एसटीएफ के हाथ लगी एक और बड़ी सफलता, जूनियर इंजीनियर ललित राज शर्मा की हुई गिरफ्तारी

देहरादून। पेपर लीक मामले में एसटीएफ के हाथ लगी एक और सफलता। एसटीएफ ने लंबी पूछताछ के बाद धामपुर निवासी जूनियर इंजीनियर...

शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी संसदीय बोर्ड से बाहर करना क्या मध्य प्रदेश के लिए है साफ संकेत?

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा की फैसले लेने वाली शीर्ष संस्था भाजपा संसदीय बोर्ड से बाहर कर दिया...

CM धामी ने बहुउद्देशीय क्रीडा भवन में आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता’ का किया शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को बहुउद्देशीय क्रीडा भवन, परेड ग्राउंड, देहरादून में उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित ’उत्तराखण्ड राज्य सीनियर...

खाद्य एवं औषधि विभाग, उत्तराखंड सरकार और एसडीसी फाउंडेशन ने चलाया तीन दिवसीय रुको अभियान

देहरादून। खाद्य सुरक्षा आयुक्त राधिका झा के निर्देशों पर देहरादून में इस्तेमालशुदा खाद्य तेल से बायो डीजल बनाने के भारत सरकार के महत्वपूर्ण...

धामी सरकार ने किया स्वरोजगार के लिए साक्षात्कार का झंझट खत्म, अब लाभार्थियों को मिलेगा आसानी से ऋण

देहरादून। उत्तराखंड में धानी सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और अति सूक्ष्म (नैनो) योजना में स्वरोजगार के लिए साक्षात्कार का झंझट खत्म कर...