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आपको जानकारी है कार्यकाल खत्म होने के बाद कहां रहते हैं भारत के राष्ट्रपति..?

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन को भारत की शक्ति, शान और सुंदरता के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का 24 जुलाई को कार्यकाल खत्म हो जाएगा। फिलहाल कोविंद दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रपति भवन में रहते हैं। भारत का राष्ट्रपति भवन 330 एकड़ में फैला है हालांकि इमारत पांच एकड़ में बनी है। चार मंजिला इस इमारत में कुल 340 कमरे हैं। राष्ट्रपति भवन का उद्यान 190 एकड़ में फैला है। भारत के प्रथम नागरिक के इस निवास स्थान में करीब 200 लोग काम करते हैं। इस भवन में राष्ट्रपति को विशेष तरह की सुविधाएं प्राप्त होती हैं। राष्ट्रपति के निवास, स्टाफ, मेहमानों और भोजन आदि पर सालाना करीब 225 लाख रुपये खर्च होते हैं। लेकिन आज का मुद्दा ये है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद पूर्व हो चुके राष्ट्रपति कहां रहते हैं और उन्हें कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं…?

पूर्व राष्ट्रपति के लिए क्या है नियम….?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नियमानुसार पूर्व राष्ट्रपति को देश की राजधानी दिल्ली में कैबिनेट मंत्री को आवंटित होने वाला बंगला ही देना होता है। रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति हैं। दो राष्ट्रपति, ज़ाकिर हुसैन और फ़ख़रुद्दीन अली अहमद की पद पर रहते मृत्यु हो गयी थी। इनके अलावा जिन राष्ट्रपतियों की सेवा समाप्त होती गई, उनमें से ज्यादातर दिल्ली न रहकर अपने-अपने गृह क्षेत्र चले गए।

जैसे देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद कार्यकाल खत्म होने के बाद पटना शिफ्ट हो गए थे। दूसरे राष्ट्रपति एस. राधाकृष्णन, चौथे राष्ट्रपति वीवी गिरी और नौवें राष्ट्रपति आर वेंकटरमन सेवा मुक्त होने पर चेन्नई चले गए थे। एन संजीव रेड्डी राष्ट्रपति भवन छोड़ने के बाद बेंगलुरु चले गए थे। प्रतिभा पाटिल पद छोड़ने के बाद पुणे शिफ्ट हो गयी थीं।

वहीं कुछ पूर्व राष्ट्रपति दिल्ली में भी रहें। ज्ञानी जैल सिंह कार्यकाल खत्म होने के बाद तीन मूर्ति स्थित सर्कुलर रोड के पास एक बंगले में रहने लगे थे। शंकर दयाल शर्मा सफदरजंग रोड स्थित एक बंगले में रहें। केआर नारायणन पद छोड़ने के बाद लुटियन दिल्ली में रहे। एपीजे अब्दुल कलाम 10 राजाजी मार्ग स्थित एक बंगले में रहे। बाद में इसी बंगले में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी रहे।

पूर्व राष्ट्रपति को मिलने वाली सुविधाएं

राष्ट्रपति की मासिक सैलरी 5 लाख रुपये होती है, इस रकम पर किसी भी प्रकार के कर (टैक्स) का भुगतान नहीं करना होता। रिटायर होने पर 1.5 लाख रुपये प्रति माह पेंशन मिलता है। स्टाफ पर खर्च करने के लिए 60 हजार रुपये महीना अलग से मिलता है। आजीवन मुफ्त इलाज और आवास की सुविधा भी मिलती है। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति को दो फ्री लैंडलाइन और एक मोबाइल भी दिया जाता है।



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