उत्तराखंड

विपक्ष को राष्ट्रपति से इतना ही प्रेम था तो उसने उनके खिलाफ प्रत्याशी ही क्यों खड़ा किया : प्रेमचंद अग्रवाल

देहरादून। उत्तराखंड सरकार के संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन के उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने का विरोध कर रहे विपक्षियों के रुख की कड़ी आलोचना की है। संसदीय कार्यमंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि जनता की आशाओं के प्रतीक, भव्य, अद्भुद व आलीशान संसद भवन, जिसमें आधुनिकता एवं संस्कृति का संगम समाहित है, यह बुलंद भारत की नई तस्वीर है नई संसद स्वतंत्रता के बाद बन्ना गौरवशाली एवं ऐतिहासिक भी है। ऐसे पल पर विपक्ष को राजनीति करने से बाज आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इसके उद्घाटन पर लोकतंत्र के त्योहार के रूप में मनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को खुश होना चाहिए कि देश को नई संसद मिल रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को रिकॉर्ड समय में नई संसद बनाने के लिए सरकार की प्रशंसा करनी चाहिए, जबकि वे सरकार की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष द्वारा इसका बहिष्कार करने के सख्त खिलाफ है। विपक्ष के पास मुद्दों की कमी नहीं है वह गलत मुद्दे उठा रहा है।उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को राष्ट्रपति से इतना ही प्रेम था तो उसने उनके खिलाफ प्रत्याशी ही क्यों खड़ा किया था।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद विपक्ष ने उनपर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यही नहीं बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण का भी विरोध कर विपक्ष ने लोकतंत्र के मूल्यों का अपमान किया था। मगर, आज उन्हीं से नई संसद भवन का उद्घाटन कराने पर आतुर है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी रहे प्रधानमंत्रियों ने लोकतंत्र के ऐसे नए आयामों का लोकार्पण व शिलान्यास किया है l

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