उत्तराखंड

आखिर सोशल मीडिया में क्यों सर्च की जा रही हैं निर्मला दीदी के नाम से मशहूर उत्तराखंड की यह महिला

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चम्पावत । उत्तराखंड में विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के खिलाफ निर्मला गहतोड़ी को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। निर्मला पार्टी की जिलाध्यक्ष रहने के साथ कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं। पार्टी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रबल दावेदार माने जा रहे पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल के बदले निर्मला को तवज्जो दी है। इसे पार्टी की महिला एवं ब्राह्मण वोटरों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। ब्राह्मण जाति से ताल्लुक रखने वाली निर्मला गहतोड़ी की छवि कांग्रेस पार्टी में तेज तर्रार महिला नेता के रूप में है। 

यूं आईं चर्चा में
वर्ष 1992 में वे उस समय सुर्खियों में आई जब चम्पावत जिले में शराब विरोधी आंदोलन शुरू हुआ। शराब की दुकान खोलने के खिलाफ उन्होंने खेतीखान में लगातार 108 दिन तक चले धरना प्रदर्शन में हिस्सा लिया। परिवार की पृष्ठभूमि कांग्रेसी होने के कारण वे शुरू से ही कांग्रेस की गतिविधियों में हिस्सा लेती रहीं।

इन पदों पर रहीं
गहतोड़ी वर्ष 1997 से वर्ष 1999 तक पाटी ब्लाक महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रहीं। 1999 से 2001 तक पीसीसी सदस्य रहीं। वर्ष 2001 से 2010 तक वे कांग्रेस की चम्पावत जिलाध्यक्ष रहीं। वर्ष 2011 में उन्हें एआइसीसी का सदस्य बनाया गया। वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार में निर्मला को बीसूका उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। 

पार्टी-संगठन में सक्रिय
वर्ष 2017 में उन्होंने महिला कोटे से विधान सभा चुनाव के लिए दावेदारी की, लेकिन टिकट नहीं मिल पाया। पार्टी जिलाध्यक्ष रहने के दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने के काफी प्रयास किए। सरकार के खिलाफ होने वाले आंदोलन में वे बढ़चढ़कर अपनी भागेदारी निभाती रही हैं। 

निर्मला दीदी के रूप में मशहूर
सरल स्वभाव के कारण वे पार्टी कार्यकर्ताओं में निर्मला दीदी के नाम से जानी जाती हैं। हाल ही में सम्पन्न विधान सभा चुनाव में पार्टी ने पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल को टिकट दिया था। लेकिन वे भाजपा के कैलाश गहतोड़ी से चुनाव हार गए गए थे। 

आखिर में बदला नाम
राजनीतिक जानकार मान रहे थे कि कांग्रेस उपचुनाव में भी हेमेश खर्कवाल को ही टिकट देगी। लेकिन आखिर में पार्टी ने सारे अनुमान के उलट निर्मला को उपचुनाव का टिकट देकर उपचुनाव में पार्टी की रणभेरी बजा दी है। कांग्रेस इस बार नए चेहरे पर दांव खेलना चाहती है।

गहतोड़ी की प्रोफाइल
नाम- निर्मला गहतोड़ी
शैक्षिक योग्यता- इंटरमीडिएट
उम्र- 59 साल
पति का नाम- प्रयाग दत्त गहतोड़ी
संतान- एक लड़की व दो लड़के

राजनीतिक सफर
वर्ष 1996 से 2002 तक प्रधान
वर्ष 2001 से 2010 तक दो बार कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहीं
वर्ष 2004 में जिला पंचायत चुनाव 24 वोट से हारी
वर्ष 2010 में एआईसीसी अध्यक्ष बनी, वर्तमान में पीसीसी सदस्य
वर्ष 2012 में बीसूका अध्यक्ष रही
वर्ष 2015 में महिला सशक्तिकरण उपाध्यक्ष रहीं
वर्ष 2015 से 18 तक राज्य समाज कल्याण बोर्ड अध्यक्ष रहीं



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