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कौन हैं वाराणसी के डीएम जिन्हें मोदी करते हैं पसंद, काशी में ही बने रहेंगे कौशल राज शर्मा, तबादला 24 घंटे में ही रद्द

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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र कौन हैं वाराणसी के डीएम जिन्हें मोदी करते हैं पसंद, के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा का ट्रांसफर रुक गया है। शुक्रवार को कौशल राज शर्मा का ट्रांसफर प्रयागराज के मंडलायुक्त पद पर कर दिया गया था, लेकिन 24 घंटे के अंदर ही शासन को अपना ये फैसला वापस लेना पड़ा। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि 24 घंटे के अंदर कौशल राज शर्मा का ट्रांसफर रोकना पड़ा? लोग कौशल के बारे में भी जानना चाहते हैं? ये भी जानना चाहते हैं कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा को इतना पसंद क्यों करते हैं? आइए जानते हैं…

कौशल मूल रूप से हरियाणा के भिवानी जिले के रहने वाले हैं। इनका जन्म पांच अगस्त 1978 को हुआ है। कौशल राज शर्मा ने 2006 में आईएएस की परीक्षा पास की और यूपी कैडर में शामिल हुए। इसके पहले इन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग से एमटेक और फिर एमए पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई की है। बेहद शांत स्वभाव के कौशल राज शर्मा काम में काफी तेज माने जाते हैं। वाराणसी से पहले वह प्रयागराज, कानपुर जैसे बड़े जिलों में डीएम रह चुके हैं। दो नवंबर 2019 को जब लोकसभा चुनाव में जीतकर भाजपा दोबारा सत्ता में आई थी, तब सरकार ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की कमान कौशल राज शर्मा को दी थी। तब से लेकर आज तक वह इस पद पर बने रहे। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया।

क्यों डीएम को पसंद करते हैं पीएम मोदी?
2019 में जब कौशल राज शर्मा ने वाराणसी के डीएम का पदभार संभाला था, तब भाजपा की सरकार काफी विवादों में घिरी थी। फिर वह काशी को क्योटो बनाने की बात हो या अन्य विकास कार्यों की। जनता से जुड़े समस्याओं के समाधान को लेकर भी सरकार पर सवाल उठ रहे थे। चूंकि यह क्षेत्र खुद प्रधानमंत्री का है, ऐसे में इन मुद्दों को लेकर सरकार काफी घिर रही थी। कौशल राज शर्मा ने कमान संभालते ही केंद्र और राज्य सरकार की तमाम परियोजनाओं में तेजी लाने का काम किया। फिर वह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर हो या वाराणसी की सड़कों के चौड़ीकरण का। कोरोना काल में भी डीएम कौशल राज शर्मा ने काफी मेहनत की।

विपरीत परिस्थितियों में भी कौशल राज ने किया काम
उनके डीएम बनते ही सीएए-एनआरसी को लेकर वाराणसी में काफी बवाल हुआ था। तब भी उन्होंने बड़े ही व्यवस्थित तरीके से पूरे मामले को संभाला। डीएम के इन कामों से पीएम मोदी भी काफी प्रभावित हुए। कौशल राज शर्मा को 2020 में फेम इंडिया मैग्जीन की ओर से देशभर के 50 सर्वश्रेष्ठ आईएएस अफसरों की लिस्ट में शामिल किया गया था। 2022 में कौशल राज शर्मा को पीएम एक्सिलेंस अवार्ड भी मिला था। यह अवार्ड खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल को दिया।

24 घंटे के अंदर क्यों रुक गया ट्रांसफर?
कौशल राज शर्मा का शुक्रवार को शासन ने ट्रांसफर कर दिया था। उन्हें प्रयागराज का नया मंडलायुक्त बनाया गया था। हालांकि, 24 घंटे के अंदर ही सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। पुराना आदेश निरस्त करते हुए कौशल राज शर्मा को वाराणसी के डीएम पद पर बने रहने का नया फरमान जारी किया गया। शासन के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो कौशल के ट्रांसफर पर रोक लगाने के लिए खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा था। पीएमओ की तरफ से शासन को यह भी कहा गया है कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रशासनिक फेरबदल से पहले पीएमओ को सूचित किया जाए। कहा जाता है कि वाराणसी में अभी भी काफी विकास कार्य बचे हुए हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं। इसके पहले नगर निकाय चुनाव भी है। ये दोनों चुनाव भाजपा के लिए चुनौती का विषय है। इनमें अगर गड़बड़ी हुई तो सीधे सवाल पीएम मोदी पर खड़े होंगे। पीएमओ किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता है।



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