उत्तराखंड

दीपक बोले : मैं कोई बाबू नहीं जो सस्पेंड कर दिया, अध्यक्ष था और रहूंगा, मैं सरकार के इस आदेश को नहीं मानता हूं

[ad_1]

देहरादून। उत्तरकाशी जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने देहरादून ने सरकार की ओर से उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वो इस पूरे मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जा रहे हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि न्यायालय से उनको पूरी राहत मिलेगी। दीपक ने कहा कि मैं कोई बाबू नहीं जो हटा दिया। अध्यक्ष हूं और जब तक जनता चाहेगी, बना रहूंगा।

दीपक बिजल्वाण ने सरकार के आदेश को पूरी तरह से कानून के खिलाफ बताया और कहा कि सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो जांच की गई वह भी भाजपा सरकार के पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में शुरू हुई और क्लीनचिट भी भाजपा सरकार ने ही दी।

दीपक ने कहा कि पहले डीएम से जांच कराई गई थी और उसके बाद उच्च स्तरीय जांच गढ़वाल कमिश्नर से कराई गई। गढ़वाल कमिश्नर ने उनको अपनी जांच में क्लीनचिट दी। उसमें साफ तौर पर कहा गया कि गड़बड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण की कोई भूमिका नहीं है।

इसी पूरे प्रकरण में कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी शासन की ओर से यह कहा गया कि जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण निर्दोष हैं। इसके बाद एक और याचिका जांच के लिए दायर की गई थी। कोर्ट से जब सरकार से इस मामले में जवाब मांगा गया, तो बाकायदा मुख्य सचिव उत्तराखंड ने एफिडेविट देखकर दीपक को क्लीनचिट दी।

उन्होंने एफिडेविट में दीपक बिजल्वाण की ना तो कोई भूमिका है और ना ही किसी तरह की एसआईटी जांच की जरूरत है। शासन ने यह भी कहा था कि इस मामले में कमिश्नर की जांच के बाद कोई दूसरी जांच कराने का कोई औचित्य और जरूरत महसूस नहीं होती।

लेकिन, दीपक के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अचानक उनको पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया जाता है, जिससे राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार पर राजनीतिक भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है किस तरह से सरकार आचार संहिता से ठीक पहले जो कार्रवाई की है। वह कानून तो गलत है ही। साथ ही यह भी साबित करती है कि सरकार बदले की भावना से कार्रवाई की है।

भाजपा पर हमला करते हुए दीपक ने कहा कि भाजपा को यह लगने लगा है कि इस बार उत्तरकाशी जिले कि तीनों सीटें उनके हाथों से जाने वाली हैं। इसलिए बदले की भावना से उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जनता तय कर चुकी है कि भाजपा को 2022 के चुनाव में सत्ता से खदेड़ना है।

साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने कहा कि अध्यक्ष का पद कोई बाबू या चपरासी का पद नहीं है। जब चाहे उसको हटा दिया, जब चाहे रख लिया। मुझे अध्यक्ष पद जनता ने दिया है और जनता जब तक चाहेगी, मैं अध्यक्ष पद पर बना रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं सरकार के इस आदेश को नहीं मानता मानता हूं।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *