उत्तराखंड

Uttarakhand Election : डीडीहाट जिले की मांग का आंदोलन खत्म करवाया, पर सियासत गर्मा गए हरदा

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पिथौरागढ़. डीडीहाट ज़िला बनाने को लेकर चल रहा आंदोलन 55वें दिन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की अपील पर खत्म हो गया, लेकिन नए ज़िलों को लेकर हरदा ने सियासी खेल भी शुरू कर दिया. हरीश रावत का कहना है कि आंदोलन के बजाय आंदोलनकारी कांग्रेस की सरकार का इंतज़ार करें. उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले डीडीहाट, कोटद्वार, रानीखेत और यमुनोत्री को अलग ज़िला बनाने को लेकर आंदोलन जोरों पर हैं. इसी आंदोलन को चुनावी मुद्दा बनाते हुए हरदा ने राज्य की भाजपा सरकार पर 5 साल का समय गंवा देने का आरोप लगाकर कह दिया कि आंदोलन की जगह कांग्रेस की सरकार बनाने का बीड़ा उठाना चाहिए.

नए ज़िलों की मांग को लेकर जो आंदोलन राज्य भर में हो रहे हैं, उनमें से डीडीहाट में सबसे अधिक आंदोलन की धमक देखने को मिली. यहां बारी-बारी से आंदोलनकारी 55 दिनों तक आमरण अनशन पर रहे, लेकिन पूर्व सीएम हरीश रावत ने आंदोलनकारियों को समझाकर आंदोलन फिलहाल खत्म करा दिया. ऱावत का कहना है कि उनकी सरकार ने 11 नए ज़िले बनाने का प्लान तैयार कर बजट में 100 करोड़ की स्वीकृति भी दी थी, लेकिन बीजेपी सरकार ने बीते 5 सालों में इस दिशा कुछ नहीं किया. रावत ने कहा कि अब आंदोलनकारियों को आंदोलन के बजाय कांग्रेस की सरकार का इंतजार करना चाहिए.

क्या है नए ज़िलों की पूरी राजनीति?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी साफ कर चुके हैं कि ज़िला पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद नए ज़िलों को लेकर सरकार कुछ पहल कर सकती है. लेकिन कांग्रेस इस मामले में धामी सरकार को घेरने से चूक नहीं रही है. नए ज़िलों को लेकर 2011 में की गई घोषणा के बाद ही राजनीति शुरू हुई. तब बीजेपी की रमेश पोखरियाल निशंक सरकार ने डीडीहाट के साथ ही रानीखेत, यमुनोत्री और कोटद्वार को नए ज़िले बनाने का ऐलान किया था.

उसके बाद निशंक सरकार ने एक आदेश भी जारी किया था, लेकिन फिर पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया. उधर, सरकारें बदलती रहीं और इधर आंदोलनकारी आवाज़ उठाते रहे. अलग ज़िले की मांग कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि पूर्व में बीजेपी की ही सरकार ने नए ज़िलों को बनाने का आदेश जारी किया था, लेकिन प्रंचड बहुमत की वर्तमान सरकार होने के बाद भी इस पर अमल नहीं कर सकी.

Tags: Harish rawat, Pithoragarh news, Uttarakhand Assembly Election 2022, Uttarakhand news, Uttarakhand politics



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